SEEDS ने कोरोना संकट के बीच  8 राज्यों में  10 लाख लोगों को सूखा राशन वितरित किया

इमरजेंसी में तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए कंपनी ने स्पेशल हेल्पलाइन लॉन्च की


नई दिल्ली   कोरोना वायरस की महामारी के दौरान  SEEDS ने समाज के सबसे कमजोर, गरीब  जरूरतमंद और हाशिए पर पहुंचे समुदाय को समर्थन देने की लगातार कोशिश की है   SEEDS ने 27 दिन के लॉकडाउन में  8 राज्यों के 10 लाख गरीब और जरूरतमंद लोगों को सूखा राशन वितरित किया हैं   इनमें अनाथ बच्चे,  दिहाड़ी मजदूर   ट्रांसजेंडर समुदाय, महिला मुखिया वाले घरों, आदिवासी परिवार, झुग्गी-झोंपड़ियों में रहने वाले लोग, समाज में हाशिए पर पहुंचे लोग और कमर्शल सेक्स वर्कर्स शामिल थीं। 


 संगठन ने जरूरतमंद समुदाय को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए स्पेशल हेल्पलाइन नंबर  9821746747 लॉन्च किया है,  जिससे कोरोना वायरस से उपजे हालात के समय गरीबों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।


कोरोना वायरस के लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव और इससे निपटने के लिए SEEDS की पहल पर SEEDS के सहसंस्थापक  मनु गुप्ता ने कहा,  यह महसूस कर अच्छा लगता है कि हम देश में लॉकडाउन के दौरान 10 लाख  गरीबों और जरूरतमंदों को सूखा राशन बांट चुके हैं  जब महामारी का प्रकोप बढ़ता ही जा रही है, तब यह बेहद जरूरी हो गया है कि  भोजन न मिलने से कोई गरीब और जरूरतमंद, विकलांग व्यक्ति, अनाथालय में रह रहे बच्चे और सामाजिक रूप से हाशिए पर पहुंचे नागरिक दम न तोड़ें।  हर व्यक्ति का जीवन बचाना बेहद जरूरी है। हम यह विनम्र और शालीन भाव से यह मानते है कि  हमें अभी भी यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचना है,  ताकि कोई भी व्यक्ति भोजन के बिना न रहे।  हमें यह महसूस कर पीड़ा होती है। 10 लाख लोगों की यह संख्या बहुत छोटी हैं  क्योंकि अभी भी यहां बहुत से ऐसे लोग हैं, जो भूखे रहते हैं और बहुत मुश्किल से अपनी जिंदगी गुजारते हैं। 


दिल्ली,  बिहार,  उत्तराखंड,  केरल,  कर्नाटक,  तमिलनाडु,  पश्चिम बंगाल,  महाराष्ट्र  और ओडिशा में लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सेहत और महामारी के आर्थिक असर को कम करने के लिए SEEDS विभिन्न स्तरों पर प्रशासन के करीबी सहयोग से काम कर रहा है। 


SEEDS का गरीबों और जरूरतमंदों को खाना बांटने का सिस्टम काफी मजबूत है।  इसके तहत जमीनी स्तर से हासिल किए गए आंकड़ों की तीन स्तरों पर जांच कर किसी व्यक्ति की असली आर्थिक हालत प्रमाणित की जाती है।  इसके बाद जरूरतमंद समुदाय तक भोजन पहुंचाने के लिए राशन की प्रभावी ढंग से खरीद होती है।  अंत में इसे समुदाय के उन सदस्यों में बांटा जाता है, जिसकी वास्तविक पहचान प्रणामित हो चुकी है।  इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शुरुआत से ही स्पेशल टीम करती है,  ताकि हर स्तर पर गरीबों और जरूरतमंद समुदाय के बारे में जानकारी मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।


मौजूदा दौर में फैली कोरोना वायरस की महामारी के दौरान SEEDS की कई टीमों के सदस्य प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के साथ मानवता की सेवा में बिना थके जुटे हुए हैं।  आज जब इस महामारी ने चारों और से इंसान को घेर लिया है, उस समय यह टीम सुनिश्चित करती है  कि संकट के समय में जीवन जीने के लिए सभी जरूरी सामान उन तक पहुंचे।


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