राहुल गांधी और सबरीमाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया फैसला
उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को तीन अहम मामलों पर अपना फैसला सुनाया। न्यायालय अपने पहले फैसले में सबरीमाला मंदिर मामले को बड़ी पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया। दूसरे फैसले में राफेल मामले से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया। जबकि अवमानना मामले में राहुल गांधी की बिना शर्त माफी को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। आइए जानते हैं क्या हैं ये मामले...

1. राफेल मामला: कोर्ट ने क्या दिया फैसला
सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई गोगोई की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने गुरुवार को राफेल सौदा मामले पर फैसला सुना दिया। पीठ ने केंद्र सरकार को राहते देते हुए राफेल सौदे से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि इस मामले में अलग से जांच की जरूरत नहीं है।
बता दें 59,000 करोड़ की राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिसंबर, 2018 को दिए अपने फैसले में केंद्र सरकार को क्लीन चिट दे दी थी। हालांकि इस फैसले की समीक्षा के लिए अदालत में कई याचिकाएं दायर की गईं और 10 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 
फ्रांस से 36 राफेल फाइटर जेट के भारत के सौदे को चुनौती देने वाली जिन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की, उनमें पूर्व मंत्री अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की याचिकाएं शामिल थीं।
सभी याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से उसके पिछले साल के फैसले की समीक्षा करने की अपील की थी। मामले को सुनाने वाली पीठ में जस्टिस रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल रहे।
2. राहुल गांधी मामला: कोर्ट ने क्या दिया फैसला
राफेल सौदे से जुड़े मामलों के साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी की ओर से दर्ज कराए गए अवमानना मामले में भी फैसला आ गया। इसमें कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बिना शर्त माफी मांगने की अर्जी स्वीकार कर बड़ी राहत दी। साथ ही नसीहत भी दी कि नेता बयान देते वक्त सावधानी बरतें।
बता दें कि यह मामला राफेल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चौकीदार चोर है का नारा देने से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में इस बयान को गलत ठहराया था, तब राहुल गांधी ने कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगने की अर्जी दी थी।
हालांकि अब कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना प्रक्रिया पर विराम लग गया। भाजपा नेता लेखी ने अपनी शिकायत में कहा था कि राहुल गांधी ने अपने भाषणों में 'चौकीदार चोर है' का नारा देकर प्रधानमंत्री मोदी का अपमान किया है।
3. सबरीमाला मंदिर मामला: कोर्ट ने क्या दिया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारत के दक्षिण भारतीय राज्य केरल स्थित सबरीमाला अय्यपा मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर अपना फैसला सुनाते हुए इसे सात जजों वाली बड़ी पीठ के समक्ष भेज दिया। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने अपने 28 सितंबर 2018 को सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश का अधिकार देने के फैसले को बरकरार रखा। यानि बड़ी पीठ इस मामले में जब तक सुनवाई करेगी तब तक यथास्थिति बनी रहेगी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले की समीक्षा के लिए 60 याचिकाएं दायर की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों वाली पीठ ने छह फरवरी 2019 को इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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