भाजपा पार्षदों ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, फंड रोकने का आरोप
दिल्ली सरकार के खिलाफ भाजपा शासित एमसीडी ने भी मोर्चा खोल दिया है। बृहस्पतिवार को तीनों एमसीडी के पार्षदों ने सरकार के खिलाफ सिविक सेंटर से आईटीओ तक रोष मार्च निकाला। पार्षदों ने दिल्ली सरकार पर फंड रोकने का आरोप लगाया।


आईटीओ पर प्रदर्शन कर पार्षदों ने आम आदमी पार्टी के साथ ही कांग्रेस पर भी एमसीडी को पंगु बनाने का आरोप मढ़ा। प्रदर्शन के बाद पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी दिया। 
प्रदर्शन कर रहे पार्षद हाथ में तख्ती लेकर नौ हजार करोड़ रुपये एमसीडी को वापस देने की मांग कर रहे थे। उत्तरी दिल्ली स्थायी समिति के अध्यक्ष जय प्रकाश ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार भी कांग्रेस की तरह  काम कर रही है। 
दक्षिणी दिल्ली के पूर्व मेयर नरेंद्र कुमार चावला ने बताया कि एमसीडी का लोकल एरिया हेड, प्लान हेड, नॉन प्लान हेड और सफाई कर्मचारियों का एरियर दिल्ली सरकार ने रोक लिया है। इससे स्पष्ट है कि दिल्ली सरकार अनुसूचित जाति विरोधी है। 
स्थायी समिति की पूर्व अध्यक्ष शिखा राय ने कहा कि केजरीवाल सरकार जनविरोधी है। एमसीडी फंड रोक कर इसका परिचय दिया गया है। भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार जब तक एमसीडी का फंड जारी नहीं कर देती है तब तक विरोध जारी रहेगा। 
संदीप कपूर ने कहा कि केजरीवाल के फंड रोकने से निगम को काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर दिल्ली के आम लोगों पर भी पड़ रहा है। दक्षिणी दिल्ली स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता, पूर्वी दिल्ली स्थायी समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर ने कहा कि केजरीवाल को दिल्ली के विकास की चिंता है तो उन्हें बिना देरी किए एमसीडी को फंड जारी कर देनी चाहिए। 


एमसीडी का 9195.95 करोड़ रुपये का आरोप मढ़ा



एमसीडी ने दिल्ली सरकार पर 9195.95 करोड़ रुपये रोक रखने का आरोप लगाया है। एमसीडी पार्षदों का कहना है कि फंड रोकने से एमसीडी के स्कूलों, अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और सफाई के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणी दिल्ली के पूर्व मेयर नरेंद्र चावला ने बताया कि कालकाजी व तिलक नगर में दो अस्पताल बनकर तैयार है। 
सरकार अगर फंड दे देती है तो दोनों अस्पताल चालू हो जाएंगे। इसी तरह स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लिए कई योजना तैयार है। सिर्फ इसके लिए फंड का इंतजार है।
इसी तरह पूर्वी दिल्ली में पार्किंग के लिए कई योजनाएं तैयार है। सबसे बड़ी समस्या एमसीडी को कर्मचारियों को वेतन देने की है। आए दिन सफाई कर्मी वेतन की मांग को लेकर हड़ताल कर देते है। इसी तरह एमसीडी की योजना वृद्धा पेंशन को एक हजार रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये करने की है। एमसीडी कर्मचारियों को 225 करोड़ से अधिक का एक एमसीडी में एरियर रुका हुआ है। 
फंड मिलते ही कर्मचारियों को एरियर मिल जाएगा। प्रदेश महामंत्री राजेश भाटिया ने बताया कि दिल्ली सरकार जानबूझकर फंड रोकने का काम कर रही है।