शारदा योजना सफल बनाने को किया गया जागरूक शिक्षा प्रेरको को सौंपी गई फिर से कमान, बांटे गए प्रमाणपत्र

हैदरगढ़, बाराबंकी। वर्तमान में सरकार के द्वारा शिक्षा को निचले स्तर तक के बच्चे तक पहुंचाने के लिए बच्चों की शत-प्रतिशत नामांकन के साथ साथ बच्चों के विद्यालय में ठहराव को लेकर के शासन प्रशासन सहित अध्यापकों और अभिभावकों को जिम्मेदारी दी गई है। तो वही यूनिसेफ भी विश्व में शैक्षिक स्तर को बेहतर करने के लिए भारत में जी जान से बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगा हुआ है। 
यूनिसेफ के कार्यक्रम के नई पहल की तहत वर्तमान में सरकार द्वारा चलाई जा रही शारदा योजना को सफल बनाने के लिए लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। इसी जागरूकता कार्यक्रम की नई पहल के तहत जिला समन्वयक सबा फातिमा द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन ब्लॉक संसाधन केंद्र हैदरगढ़ में किया गया। कार्यशाला में सबा फातिमा द्वारा परिचय के बाद यूनिसेफ के एक्शन एड द्वारा चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के बारे में विस्तृत चर्चा की गई और इस कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य के बारे में बताया गया। 
सबा फातिमा द्वारा बताया गया कि जो विद्यालय के बच्चे आउट आफ स्कूल हैं या विद्यालय में कम ठहराव होता है उनको विद्यालय में प्रतिदिन भेजा जाए इसके लिए उनके माता-पिता को जागरूक किया जाए तो वहीं विद्यालय प्रबंध समिति के अधिकार और उसकी जिम्मेदारी पर भी चर्चा की गई। 
बालिका शिक्षा, कक्षा 5 पास बच्चों का कक्षा 6 में नामांकन कराने और कक्षा 8 पास बच्चों का कक्षा 9 में नामांकन कराने के लिए लोगों को जागरूक करने, बाल विवाह, मौसमी पलायन, बाल श्रम पर भी चर्चा करते हुए उसके बारे में बारीकी से जानकारी दी गयी। कार्यशाला की  अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी आरके द्विवेदी ने करते हुए मौजूद शिक्षा प्रेरकों, अभिभावकों और समुदाय के लोगों जनप्रतिनिधियों को जागरुक करते हुए बताया कि शिक्षा एक ऐसी बुनियाद है जिसके जरिए हम एक बेहतर राष्ट्र की इमारत खड़ी कर सकते है। वर्तमान में शारदा योजना के अंतर्गत पहले चरण का सर्वे हो चुका है दूसरे चरण के सर्वे में शुरुआत होनी है। पहले चरण के सर्वे में करीब 35 बच्चे निकल कर आए हैं। जिनके द्वारा विद्यालय में ठहराव कम है और विद्यालय में अनुपस्थित रहते हैं। जिनको अभिभावकों के माध्यम से शारदा योजना के सफल क्रियान्वयन के जरिए विद्यालय में ठहराव के लिए शिक्षकों द्वारा प्रयास किया जा रहा है और उन्होंने मौजूद शिक्षा प्रेरकों अभिभावकों से अपील करी कि आप सब भी अपने क्षेत्र के आसपास स्कूलों में ऐसे बच्चों को विद्यालय के हेडमास्टर से जानकारी प्राप्त करें। 
विद्यालय में ठहराव के लिए जनसेवा के भाव से जुड़कर समाज में शिक्षा की अलख पहले की तरह ही जगा सकते है। बैठक मे जिला उपाध्यक्ष व एनपीआरसी विवेक कुमार गुप्ता द्वारा बताया गया की समुदाय की सहभागिता के जरिए ही शिक्षा को उन्नत स्तर पर ले जाया जा सकता है। समुदाय हमसे और आप से मिलकर बना है। अपने समुदाय में आप अगर बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करेंगे विद्यालय में ठहराव कराएंगे तब बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। 
इस मौके पर त्रिवेदीगंज और हैदर गढ़ के शिक्षा प्रेरक राकेश सिंह, केदार भार्गव, राम किशोर सिंह, मुकेश पांडे, शिव शंकर तिवारी, सुचिता सिंह, रामराज मौर्य, सत्येंद्र मणि त्रिपाठी, संतोष कुमार, मनोज कुमार, राकेश कुमार बाजपेई, माया देवी सहित सैकड़ों लोगों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। विवेक कुमार गुप्ता, एबीआरसी शिवसागर सिंह, अजय कुमार दीक्षित, सुरेश चंद्र पाठक सहित कई वरिष्ठ शिक्षक मौजूद रहे।


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