चुनाव में लगी कर्मचारी की ड्यूटी, सीडीओ से की गुजारिश- शादी के बाद हनीमून पर जाने के लिए दें छुट्टी
लोकसभा चुनाव 2019 के छठें और सातवें चरण का चुनाव पूर्वांचल के जिलों में 12 और 19 मई को होगा। इसके मद्देनजर कार्मिक प्रभारी ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी शुरू कर दी। वहीं, दूसरी तरफ कर्मचारी चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं।
चंदौली में चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारी मेडिकल रिपोर्ट लगाकर आवेदन कर रहे हैं। वहीं, कोई अपनी शादी का बहाना बता रहा है तो कोई बहन या भई की शादी का रोना रो रहा है।
एक कर्मचारी ने सीडीओ डॉ. एके श्रीवास्तव से छुट्टी की गुजारिश की है। कर्मचारी ने बताया है कि उसकी शादी होने वाली है और उसे हनीमून पर जाना है। इसलिए उसकी चुनाव में ड्यूटी ना लगाई जाए। सीडीओ ने उसे छुट्टी तो नहीं दी है लेकिन संबंधित विभागाध्यक्ष के पास आवेदन करने को कहा है।


विभागाध्यक्ष के माध्यम से आवेदन करने का दिया निर्देश



चंदौली में चुनाव के लिए 1533 बूथ बनाए गए हैं तथा चुनाव संपन्न कराने के लिए 10 हजार 200 मतदान कार्मिकों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसके अलावा अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर निगाह रखने के लिए 255 कर्मचारियों को माइक्रो ऑबजर्वर के रुप में तैनात किया गया है। लेकिन ड्यूटी पत्र मिलते ही कर्मचारी चुनाव कराने से बचने के लिए जुगत लगाने में जुट गए हैं।

गुरुवार को दो दर्जन से अधिक लोगों ने चुनाव ड्यूटी से मुक्ति पाने के लिए सीडीओ के कार्यालय पर आवेदन किया। वहीं कई अधिकारियों ने भी विभागीय कार्यों का हवाला देते हुए अपने चहेते कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए आवेदन किया। लेकिन सीडीओ ने सभी को विभागाध्यक्ष के माध्यम से आवेदन करने का निर्देश दिया।




चुनाव ड्यूटी कटवाई तो जाएगी नौकरी


प्रभारी कार्मिक/सीडीओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव में लगाए गए कर्मचारियों में कुछ लोगों ने बीमारी तथा शादी का हवाला देकर आवेदन किया है। लेकिन सभी को विभागीय अधिकारियों की ओर से आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के निर्देश के चलते किसी भी कर्मचारी को चुनाव ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जाएगा।
चुनाव ड्यूटी में लगाए गए कार्मिकों के द्वारा दिए गए मेडिकल रिपोर्ट की जांच के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में बोर्ड का गठन किया गया है। गंभीर रोगियों व बीमारी से पीड़ितों की जांच पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाएगा। बोर्ड की संस्तुति पर ही चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा।