बलि पर विवाद के बाद दो गुटों में बंटे देवलु, बला मंदिर में धारा 144 लगाई
सुंदरी के सम्मान में हूम पर्व मनाया जाएगा
दरअसल, हूम पर्व से पहले दो गुटों के मध्य विवाद चल रहा है। इसे सुलझाने के लिए एसडीएम बंजार के समक्ष बला गौर लाहुंड गांव के दोनों पक्षों को बुलाया गया। लेकिन दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे। ऐसे में यह बैठक बेनतीजा रही। आखिर में बलि प्रथा को लेकर चल रहे दो गुटों के विवाद के चलते प्रशासन ने धारा-144 लगा दी। गौरतलब है कि बला मंदिर में देवता मार्कंडेय ऋषि और त्रिपुरा बाला सुंदरी का मंदिर व रथ है। अब लाहुंड गांव में देवता मार्कंडेय ऋषि और त्रिपुरा बाला सुंदरी का भी नया रथ बनाया गया है। इसमें बला गांव के लोग बलि प्रथा के विरोध में हैं।



आज मनाए जाने वाले हूम पर्व में दोनों पक्षों के लोग शामिल होना चाहते हैं। प्रशासन को आशंका है कि विवाद की इस स्थिति में अगर दोनों गुट देवरथों के साथ हूम में शामिल होते हैं तो मंदिर में स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। एसडीएम बंजार एमआर बंजार ने कहा कि तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है।
अब लाहुंड गांव के नवनिर्मित देवरथों के साथ बला गांव के देवरथों को हूम पर्व में लाने पर पाबंदी रहेगी। हूम पर्व के दिन मार्कंडेय ऋषि व माता के दोनों पक्षों के हारियानों, कारकूनों, बजंतरी व ग्रामीणों को बला मंदिर में आने और पूजा-अर्चना करने की छूट दी गई है। धारा-144 के चलते अगर कोई भी व्यक्ति समूह या फिर किसी प्रकार के हथियार व डंडों के साथ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।