11 पुलिस उपाधीक्षकों का तबादला, पदावनत अफसरों को अदालत से मिली राहत

शनिवार को डीजीपी मुख्यालय ने 11 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले कर दिए। इसमें वह आठ पुलिस उपाधीक्षक भी शामिल हैं, जिन्हें पिछले अगस्त माह में पदावनत कर दिया गया था। अदालत से राहत मिलने के बाद उन्हें दोबारा जिलों में भेज दिया गया 


डीजीपी मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार श्वेता आशुतोष ओझा को मऊ से मंडलाधिकारी प्रयागराज, वंदना मिश्रा को पीटीएस मेरठ से उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन आगरा और कुलभूषण ओझा को सहायक सेनानायक 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी से गाजीपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। 
वहीं पदावनत के बाद जिन्हें दोबारा प्रोन्नति देते हुए तैनाती दी गई है उसमें दीप चंद्र, बैद्यनाथ प्रसाद, रामसागर, विनय कुमार गौतम, योगेंद्र सिंह मलिक, धर्मेश कुमार शाही, अखिलेश कुमार सिंह और गिरिजाशंकर त्रिपाठी शामिल हैं। इन अधिकारियों को 3 जुलाई को इंस्पेक्टर से पुलिस उपाधीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई थी। 
यह सभी इंस्पेक्टर अपने सेवाकाल में कम से कम एक बार आउट आफ टर्न प्रोन्नति पा चुके थे। इन लोगों की प्रोन्नति का आदेश पिछले वर्ष ही रिक्त पदों की प्रत्याशा में कर दिया गया था। इसी को लेकर न्यायालय में याचिका दायर थी और प्रोन्नति को लेकर न्यायालय की अवमानना का भी केस दाखिल कर दिया गया था। 
जिसके आधार पर शासन ने प्रोन्नति के बाद भी 9 अगस्त को इन सभी पुलिस उपाधीक्षकों को प्रोन्नति निरस्त करते हुए पदावनत कर कर दिया था। जिन पुलिस अधिकारियों को पदावनत किया गया, उन लोगों ने अदालत का रुख किया। अदालत ने इन सभी को राहत दे दी जिसके बाद अदालत ने इन सभी पुलिस उपाधीक्षकों पूर्व की प्रोन्न्ति की तिथि से ही प्रोन्नति दे दी।
इसमें दीप चंद्र को बलिया, बैद्यनाथ प्रसाद को 15वीं पीएसी आगरा, राम सागर को मुरादाबाद, विनय कुमार गैतम को गाजीपुर, योगेंद्र सिंह को फतेहपुर, अखिलेश कुमार सिंह को ईओडब्ल्यू और गिरजाशंकर त्रिपाठी को मुजफ्फरनगर भेजा गया है।