आवारा पशुओं के आरामगाह में तब्दील है टिकैतनगर सीएचसी योगी सरकार की तमाम दलीले खारिज, बाहर से लिखी जाती है दवाएं सीएमओ से लेकर चिकित्सक स्टाफ सभी भ्रष्टाचार में मस्त


टिकैतनगर, बाराबंकी। टिकैतनगर हॉस्पिटल की यह दुर्दशा है कि मरीजों के बेड पर चद्दर तक नहीं है मरीजों को बगैर चद्दर के भर्ती कर लिटा दिया जाता है लापरवाही का यह आलम है की मरीजों के बेड पर अक्सर आवारा कुत्तों को डेरा जमाते हुए भी कई बार कई लोगों ने देखा और शिकायत भी की लेकिन सीएमओ से लेकर सीएचसी अधीक्षक की घोरलापरवाही का आलम यह है कि सारी न तो कुत्तो सहित तमाम आवारा पशुओं का वहां प्रवेश बंद हो पाया न ही मरीजों को परेशान कर देने वाला उपद्रव ही।  
सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में हासिए पर ध्वस्त है। जहां तमाम जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता अनुपलब्धता कैटगरी अनुसार बदलती रहती है (यानी जो दवा डीएम के लिए सुलभ हो जाए वह आम लोगों के लिए सुलभ नही), वहीं चिकित्सक से लेकर चिकित्सीय स्टाफ अगर आपकों उपलब्ध हो जाए तो आपकी किस्मत नही ंतो सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक केवल रेफर का हिसाब किताब ही चालू है, चिकित्सक, सुविधाएं व दवाईयां हैं कि नहीं यह तो दूसरी समस्या है। अब अगर आप गलती से इलाज के लिए सीएचसी पहुंच कर भर्ती हो गए तो आपके तीमारदारों के लिए आवारा जानवर कुत्ते आदि सबसे बड़ी समस्या बन सकते हैं और इनके द्वारा संक्रमित चद्दरें, जिसपर यह अक्सर आराम फर्माते मिल जाएंगे, आपकी बीमारी में संक्रमण और बढ़ाकर आपकी जान जोखिम में डाल सकते हैं। लेकिन टिकैतनगर सीएससी अधीक्षक से लेकर सीएमओ के उपर इस संदर्भ में की गई शिकायतों का कोई प्रभाव अभी तक दिखलाई नहीं दिया। 
इसी कड़ी में ज्येष्ठमास के प्रथम मंगलवार टिकैत नगर निवासी सोनू शर्मा पुत्र सूरज दीन शर्मा निवासी नूर वाफ के पेट में काफी दर्द था उनके परिजन सोनू शर्मा को लेकर टिकैतनगर सीएससी पहुंचे। ड्यूटी कर रहे डॉ अमित दुबे बुलवाने पर भी मौके पर नहीं पहुंचे। तब वहां मौजूद कंपाउण्डर ने भर्ती कर इलाज शुरू किया। बाद डॉक्टर राम रतन के इत्तेफाकन वहां पहुंचने पर ही पीड़ित का सही उपचार जाकर शुरू हो पाया। मौके पर मौजूद दूसरे मरीजों व उनके तीमारदारों ने बताया कि हॉस्पिटल के अंदर अक्सर पेरासिटामोल भी उपलब्ध नहीं हो पाती है और चिकित्सक मरीजो को बाहर से खरीदने का पर्चा लिखकर अपने तयकमीशन शुदा दुकानों पर जाने को कहा जाता है। 
डायरिया व कालरा के बढ़ रहे मरीजों के बाद भी सो रहा विभाग
सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में भारी गर्मी की वजह से डायरिया कालरा व अन्य बीमारियां अपना पैर पसार रही है लेकिन उनकी रोकथाम के लिए क्षेत्र में किसी भी प्रकार की दवा का छिड़काव व दवा का वितरण नहीं कराया गया इसलिए टिकैतनगर हॉस्पिटल के अंदर उलटी पलटी व दस्त की शिकायतों के मरीज आ रहे हैं लेकिन टिकैतनगर सीएससी के अधीक्षक हेमंत गुप्ता मामले को गंभीरता से नहीं लेते हुए अपनी खाऊ कमाऊ नीत में व्यस्त हैं टिकैतनगर सीएससी राम रतन व डॉक्टर मौर्य के सहारे किसी तरह चल रहा है कुत्ते के इंजेक्शन की यह दशा है कभी-कभार हॉस्पिटल के अंदर उपलब्ध पाया जाता है नहीं तो कुत्ते काटने वाले मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन उपलब्ध पैसा देकर करवाया जाता है


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