लखनऊ में प्रदूषणः सांसों पर जहरीली हवा का हमला और तेज, हजरतगंज सबसे प्रदूषित
सुबह की ताजगी दम तोड़ चुकी है। आसमान में छाई धुंध और उसमें बढ़ता जहर सांसों पर भारी पड़ रहा है। सूरज की जीवनदायिनी रोशनी पर प्रदूषण का ग्रहण और गहराता जा रहा है।


इंसानों के साथ पशु-पक्षियों की जान सांसत में है। स्मॉग की वजह से सोमवार शाम को लखनऊ में एक्यूआई अपने रिकॉर्ड स्तर 435 तक पहुंच गया। सबसे ज्यादा दमघोंटू हवा तो हजरतगंज व लालबाग इलाके में की रही, जहां रिकॉर्ड 467 एक्यूआई दर्ज किया गया।
बच्चे हों या बड़े, सभी इस दमघोंटू हवा के कहर का शिकार हो रहे हैं। अस्पतालों में यकायक मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इमरजेंसी में फेफड़े के संक्रमण वाले मरीजों की लाइन लगी हुई है।


सोमवार को धुंध की चादर से ढका रहा शहर



पूरा शहर सोमवार को धुंध की चादर से ढका रहा। रविवार को हवा के औसत एक्यूआई में आए मामूली गिरावट के 24 घंटे बाद ही शहर की हवा का औसत एक्यूआई अब तक के सर्वोच्च स्तर 435 पर पहुंच गया। 

सोमवार शाम तक बढ़कर 435 तक पहुंच गया। सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की जारी रिपोर्ट में लालबाग, हजरतगंज क्षेत्र का वायुगुणवत्ता सूचकांक 467, गोमती नगर में 454 और तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र में 434 रहा।
वहीं अलीगंज सेंट्रल स्कूल में एक्यूआई 385 काफी खराब स्थिति में दर्ज हुआ।