एयरपोर्ट के रनवे के पास कैट वन लाइट लगाने का काम हुआ पूरा
700-800 मीटर की दृश्यता में आसानी से होगी विमानों की आवाजाही
प्रयागराज। प्रयागराज एयरपोर्ट में अब धुंध और कम रोशनी में भी विमानों की आवाजाही हो सकेगी। यहां कम रोशनी में भी विमानों के लैडिंग एवं टेकऑफ के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने कैट वन लाइट लगाने का काम पूरा कर लिया है। इस काम में तकरीबन 80 लाख का खर्च आया है। कैट वन लाइट लगने के बाद अब 700-800 मीटर दृश्यता में भी विमानों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी। अभी यहां 1200 से 1500 मीटर दृश्यता में ही विमानों की आवाजाही हो सकती है।
दरअसल एक नवंबर को ही पुलिस के सहयोग से एयरपोर्ट प्रशासन ने शंभु नाथ इंस्टीट्यूट की ओर से एयरपोर्ट आने वाले रास्ते को बंद किया था। इस सड़क को बंद करने के बाद भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण द्वारा कैट वन लाइट लगाने का काम शुरू हुआ। अभी यह लाइट सिर्फ रनवे पर ही लगी हुई है। अब इस लाइट के लग जाने के बाद यहां रात के वक्त एवं कोहरे के दौरान भी विमानों की लैडिंग सुनिश्चित हो गई। इसकी मदद से यहां 700-800 मीटर की दृश्यता पर भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग एवं टेकऑफ अब हो सकेगा। एयरपोर्ट निदेशक सुनील यादव के मुताबिक एयरपोर्ट में रनवे के 950 मीटर पीछे तक कैट वन लाइट लगाई गई है। इसकी टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। जल्द ही इसका उपयोग विमानों की आवाजाही के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
आरवीआर लग जाए तो 550 मीटर की दृश्यता में उतर सकेंगे विमान
प्रयागराज एयरपोर्ट के रनवे और उसके पास के क्षेत्र में कैट वन लाइट के साथ अगर रनवे विजुअल रेंज (आरवीआर) भी लग जाता तो धुंध में रनवे को पहचानने में और ज्यादा आसानी हो जाती। इसकी मदद से 550 मीटर की दृश्यता में भी आसानी से विमानों की आवाजाही हो सकती है। हालांकि इसका ज्यादा उपयोग मौसम विभाग ही करता है। क्योंकि मौसम संबंधी तमाम डाटा इससे मिल जाते हैं। इसे लगाने के लिए मौसम विभाग को एयरपोर्ट प्रशासन से अनुमति लेनी होती है। एयरपोर्ट निदेशक सुनील यादव ने बताया कि अगर आरवीआर मौसम विभाग लगाता है तो निश्चित ही उसका पूरा सहयोग किया जाएगा।
700-800 मीटर की दृश्यता में आसानी से होगी विमानों की आवाजाही
प्रयागराज। प्रयागराज एयरपोर्ट में अब धुंध और कम रोशनी में भी विमानों की आवाजाही हो सकेगी। यहां कम रोशनी में भी विमानों के लैडिंग एवं टेकऑफ के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने कैट वन लाइट लगाने का काम पूरा कर लिया है। इस काम में तकरीबन 80 लाख का खर्च आया है। कैट वन लाइट लगने के बाद अब 700-800 मीटर दृश्यता में भी विमानों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी। अभी यहां 1200 से 1500 मीटर दृश्यता में ही विमानों की आवाजाही हो सकती है।
दरअसल एक नवंबर को ही पुलिस के सहयोग से एयरपोर्ट प्रशासन ने शंभु नाथ इंस्टीट्यूट की ओर से एयरपोर्ट आने वाले रास्ते को बंद किया था। इस सड़क को बंद करने के बाद भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण द्वारा कैट वन लाइट लगाने का काम शुरू हुआ। अभी यह लाइट सिर्फ रनवे पर ही लगी हुई है। अब इस लाइट के लग जाने के बाद यहां रात के वक्त एवं कोहरे के दौरान भी विमानों की लैडिंग सुनिश्चित हो गई। इसकी मदद से यहां 700-800 मीटर की दृश्यता पर भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग एवं टेकऑफ अब हो सकेगा। एयरपोर्ट निदेशक सुनील यादव के मुताबिक एयरपोर्ट में रनवे के 950 मीटर पीछे तक कैट वन लाइट लगाई गई है। इसकी टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। जल्द ही इसका उपयोग विमानों की आवाजाही के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
आरवीआर लग जाए तो 550 मीटर की दृश्यता में उतर सकेंगे विमान
प्रयागराज एयरपोर्ट के रनवे और उसके पास के क्षेत्र में कैट वन लाइट के साथ अगर रनवे विजुअल रेंज (आरवीआर) भी लग जाता तो धुंध में रनवे को पहचानने में और ज्यादा आसानी हो जाती। इसकी मदद से 550 मीटर की दृश्यता में भी आसानी से विमानों की आवाजाही हो सकती है। हालांकि इसका ज्यादा उपयोग मौसम विभाग ही करता है। क्योंकि मौसम संबंधी तमाम डाटा इससे मिल जाते हैं। इसे लगाने के लिए मौसम विभाग को एयरपोर्ट प्रशासन से अनुमति लेनी होती है। एयरपोर्ट निदेशक सुनील यादव ने बताया कि अगर आरवीआर मौसम विभाग लगाता है तो निश्चित ही उसका पूरा सहयोग किया जाएगा।