रायबरेली : भाजपा नेता को हेलमेट पहनने की सलाह देना दरोगा को पड़ा भारी, हुए लाइन हाजिर
भाजपा नेता को हेलमेट पहनने की सलाह देने वाले दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। माना जा रहा है कि सत्ता पक्ष के दबाव में आकर यह कार्रवाई की गई है। दरोगा पर की गई इस कार्रवाई के बाद से सवाल उठ रहा है कि ऐसे कैसे ट्रैफिक नियमों का पालन ठीक तरीके से शहर में हो पाएगा। 

सीओ सदर गोपीनाथ सोनी को इस मामले की जांच सौंपी गई थी, लेकिन उसकी जांच के नाम पर अब तक खानापूरी की गई। मामला सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण सीओ ने इसकी जांच जल्द करके रिपोर्ट एसपी को दे दी, जिस पर कार्रवाई हुई।


गौरतलब है कि सोमवार रात सदर कोतवाली में तैनात दरोगा गोपाल मणि मिश्रा डिग्री कॉलेज चौराहा पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा नेता अली हैदर नकवी को हेलमेट न लगाए जाने पर रोक लिया था। अली हैदर नकवी ने दरोगा पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए जिलाध्यक्ष रामदेव पाल को प्रकरण की सूचना दी थी। 
मौके पर पहुंचे भाजपाइयों ने दरोगा को खरीखोटी सुनाई थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। एसपी स्वप्निल ममगाई ने प्रकरण की जांच सीओ सदर गोपीनाथ सोनी को सौंपी थी। इस मामले में गुरुवार को एसपी ने दरोगा गोपाल मिश्रा को लाइन हाजिर करते हुए उन्हें पुलिस लाइंस भेज दिया। 
ऐसे में जाहिर है कि किस तरह सत्ता के दबाव में आकर दरोगा पर ही कार्रवाई कर दी। यह हाल तब है, जब मौजूदा एसपी तेजतर्रार माने जाते हैं। बावजूद इस तरह की कार्रवाई किया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है।

जांच में दुर्व्यवहार पाया गया : पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने बताया कि सीओ सदर की जांच रिपोर्ट के आधार पर दरोगा गोपाल मणि मिश्रा को पुलिस लाइंस में तैनात किया गया है। जांच में दरोगा की ओर से भाजपा नेता से दुर्व्यवहार किए जाने की बात सामने आई। दरोगा को कार्रवाई करके कागज पकड़ा देना था। जल्द दरोगा को नए स्थान में तैनाती दी जाएगी।
किस आधार पर हुई कार्रवाई दिखवाएंगे : आईजी
लखनऊ रेंज के आईजी एसके भगत का कहना है कि दरोगा गोपाल मिश्रा को लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी नहीं है। यह कार्रवाई किस आधार पर की गई, इसे दिखवाया जाएगा। महज हेलमेट पहनने की बात कहने के मामले में ऐसा किया गया तो गलत है। पुलिस कर्मियों का मनोबल गिरने नहीं दिया जाएगा।