पुष्पेंद्र के परिवार से मिलने झांसी पहुंचे अखिलेश, पुलिस के खिलाफ भड़का लोगों का गुस्सा
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार दोपहर एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिजनों से मुलाकात करने झांसी स्थित करगुआ खुर्द गांव पहुंचे। पुष्पेंद्र के आवास पर पहुंच कर अखिलेश ने उसके परिजनों से मुलाकात की और ढांढस बंधाया।


इस दौरान घर के अंदर और बाहर भारी पुलिस तैनाती रही। अखिलेश के पहुंचते ही वहां मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाकर पुष्पेंद्र के हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की। पुलिस ने गुस्साए ग्रामीणों को बैरिकेडिंग लगाकर स्थिति को काबू में किया। बुधवार को सर्किट हाउस में रुकने बाद अखिलेश गुरुवार सुबह वापस लौटेंगे।
बता दें कि इससे पहले झांसी में पुष्पेंद्र यादव के एनकाउंटर को लेकर सपा नेता व कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके कारण पूरे जिले में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया। भारी संख्या में पुलिस बल का तैनाती की गई है। विरोध प्रदर्श कर रहे सपा नेताओं पर शांतिभंग करने के आरोप में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राज्यसभा सांसद चंद्रपाल यादव समेत 39 लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। 
 गौरतलब है कि शनिवार रात दुस्साहसिक तरीके से मोंठ थाने के इंस्पेक्टर पर हमला करने के बाद कार लूटकर भागने वाले पुष्पेंद्र यादव को गुरसराय  थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।



मौके से उसके दो साथी भाग निकले थे। कार से पुलिस ने दो तमंचे, कारतूस व मोबाइल बरामद किया था। आरोप है कि शनिवार को रात करीब नौ बजे मोंठ प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान पर बमरौली बाईपास तिराहा के पास हमला किया गया था। प्रभारी निरीक्षक ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने गोली चलाई और कार लूटकर ले गए। इसके बाद घायल इंस्पेक्टर को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। 
 इस मामले में देर रात एरच के करगुवां निवासी विपिन, पुष्पेंद्र व रविंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। बताया गया कि 29 सितंबर को बालू से भरा ट्रक बंद किए जाने के विरोध में इंस्पेक्टर पर हमला किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों की घेराबंदी कीएसएसपी डॉ.ओपी सिंह के अनुसार गुरसराय क्षेत्र में रात करीब 2.30 बजे फरीदा गांव के पास सड़क पर कार आती दिखी। पुलिस ने कार को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो पुष्पेंद्र के सिर में जा लगी। मौका पाकर अन्य दो साथी भाग निकले। पुलिस टीम पुष्पेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। 





मालूम हो कि पिछले दिनों पुष्पेंद्र यादव के एनकाउंटर को लेकर अखिलेश ने झांसी पुलिस की निंदा करते हुए कहा था कि पुष्पेंद्र को न्याय देने के बजाय उलटा उनके शोकाकुल परिजनों पर झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। इससे पहले समाजवादी पार्टी ने इस एनकाउंटर की जांच हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज से कराए जाने की मांग की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसकी मांग करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार सत्ता के दंभ में जनता की आवाज को बूटों तले रौंदने पर उतर आई है।