आदि कवि महार्षि बाल्मीकि की जयन्ती नगर के नागेश्वर नाथ बाल्मीकि बस्ती पीरबटावन में धूमधान से मनायी गयी।

बाराबंकी। आदि कवि महार्षि बाल्मीकि की जयन्ती नगर के नागेश्वर नाथ बाल्मीकि बस्ती पीरबटावन में धूमधान से मनायी गयी। इस अवसर पर नवयुवक बाल्मीकि समिति के कार्यकर्ताओं एवं शिवसैनिकों ने हवन पूजन कर महार्षि बाल्मीकि को नमन किया।
इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए शिवसेना जिला प्रमुख मनोज विद्रोही ने कहा कि महार्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना कर हिन्दू समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए महार्षि बाल्मीकि हिन्दू समाज के लिए पूजनीय है। वाल्मीकि ने भगवान श्री राम के बारे में जिस प्रकार की व्याख्या व उल्लेख अपनी कृति में किया है वह आज के युग में सम्भव नहीं है। इसलिए वाल्मीकि समाज कुरीतियों से दूर रहकर महार्षि वाल्मीकि के विचारों का अनुसरण करें। यही महार्षि वाल्मीकि को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अपने विचार रखते हुए नवयुवक बाल्मीकि समिति के अध्यक्ष आलोक बाल्मीकि ने कहा कि आज वाल्मीकि समाज शिक्षित व जागरूक हो रहा है और कुरीतियों को त्याग रहा है। यह बदलाव के संकेत है वाल्मीकि समाज महार्षि वाल्मीकि के बताये सिद्धान्तों का अनुसरण कर रहा है। महार्षि वाल्मीकि के तरह भगवान श्रीराम भी हमारे पूजनीय है वाल्मीकि समाज महार्षि वाल्मीकि व प्रभू श्रीराम कि निन्दा कभी नहीं सुन सकता है।
वाल्मीकि जयन्ती कार्यक्रम में पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान शिवसेना जिला वरिष्ठ उपप्रमुख पण्डित संजय शर्मा के पौरोहित्व में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ठाकुर प्रेमप्रकाश सिंह, शिवा वाल्मीकि, राजा वाल्मीकि, दीपू वाल्मीकि, सागर वाल्मीकि, सचिन वाल्मीकि आदि लोग उपस्थित थे।