स्वामी चिन्मयानंद मामला: कड़ी सुरक्षा के बीच मुमुक्षु आश्रम पहुंची छात्रा, गेट पर कड़ा पहरा
छात्रा के गंभीर आरोपों से घिरे स्वामी चिन्मयानंद से गुरुवार देर रात तक एसआईटी की पूछताछ के बाद शुक्रवार दोपहर 1:15 बजे छात्रा अपने पिता के साथ मुमुक्षु आश्रम पहुंची। छात्रा के मुमुक्षु आश्रम पहुंचने के बाद एसआईटी की कई गाड़ियां भी फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ वहां पहुंचीं। वहीं मुमुक्षु आश्रम में स्वामी और छात्रा से पूछताछ के दौरान पढ़ाई में किसी तरह का व्यवधान ना हो, इसलिए एसएस कॉलेज में शुक्रवार को छुट्टी कर दी गई है। कॉलेज गेट पर अवकाश का नोटिस चस्पा कर दिया गया है।



सुरक्षा की दृष्टि से मुमुक्षु आश्रम के मुख्य गेट और एसएस कॉलेज गेट पर पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। मीडियाकर्मियों के अंदर जाने पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है। मालूम हो कि एसआईटी ने गुरुवार देर रात करीब एक बजे तक स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें आश्रम  भेज दिया गया था। वहीं करीब सवा तीन बजे टीम के साथ पहुंची फोर्स ने चिन्मयानंद के आश्रम की घेराबंदी कर दी थी। साथ ही चिन्मयानंद को बिना अनुमति के कहीं भी जाने पर रोक लगा दी गई थी। 


इससे पहले एसएस कॉलेज के प्राचार्य अवनीश मिश्रा और एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य संजय बरनवाल से भी घटना को लेकर पूछताछ की गई। कई दौर की जांच के बाद बृहस्पतिवार देर शाम एसआईटी ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद को पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय बुलाया। 
उनसे पूछताछ का दौर शुरू हुआ जो रात 1:10 बजे तक जारी रहा। एसआईटी ने उनसे छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों और मालिश कराते हुए वायरल हुए वीडियो तथा पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने के मामले में तमाम बिंदुओं पर पूछताछ की।
वहीं इससे पहले बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्रा और एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार बरनवाल को पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में एसआईटी ने बुलाया। दोनों प्राचार्यो से अलग-अलग कई चरणों में पूछताछ की गई।
एसआईटी ने एसएस कॉलेज के प्राचार्य से लिखित तौर पर जानकारी ली कि मुमुक्षु आश्रम परिसर में कौन-कौन सी शिक्षण संस्थाएं चल रही हैं और इन संथानों की स्थापना कब-कब हुई और इन शिक्षण संस्थाओं की प्रबंध समिति में शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी ली।
बता दें कि मुमुक्षु आश्रम परिसर में एसएस कॉलेज, एसएस लॉ कॉलेज, ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय, एसएसएमबी, स्वामी धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज का संचालन हो रहा है। इन शिक्षण संस्थानों में लगभग दस हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्टाफ में करीब पांच सौ लोग हैं।