सूचना के अधिकार के अंतर्गत दीक्षांत समारोह का व्यय विवरण मांगा

छात्रसंघ बहाली के लिए चल रहा आंदोलन का आज 33वें दिन भी जारी रहा, समस्त छात्रों ने अनशन स्थल पर बैठने से पहले शाहिद लाल पद्मधर जी को माल्यार्पण किया ।
संयुक्त संघर्ष समिति की नियमित बैठक  अनशन स्थल पर हुई उसमें प्रमुखता से दो मुद्दे रहे-
१. पीसीबी छात्रावास में मेश की बदइंतजामी का तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही का था जिसकी वजह से पीसीबी छात्रावास के अंतवासी पिछले कई दिनों से भोजन की बदइंतजामी से जूझ रहे थे और कल इसे लेकर चक्का जाम किया।संयुक्त संघर्ष समिति ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि प्रत्येक छात्रावास में मेश के लिए एक साप्ताहिक मेनू तय किया जाए, उसी के अनुसार बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल में भोजन उपलब्ध कराया जाए।
 संयुक्त संघर्ष समिति ने नमूने के तौर पर एक मेश मीनू भी तैयार किया जिसे अन्तःवासियों के अनुमोदन के लिए भेज दिया है।विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कैलाश सत्यार्थी जी की एनजीओ को पैसे देने का सोशल मीडिया में यह खबर बहुत तेजी से वायरल हो रही है कि कैलाश सत्यार्थी जी के एनजीओ को विश्वविद्यालय प्रशासन ने 25 लाख रुपये दिए हैं।
 इसकी सत्यता की जांच के लिए संयुक्त संघर्ष समिति ने वर्तमान कार्यकारिणी के अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव को अधिकृत किया। वह सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगे।
वर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत एक प्रार्थना पत्र लिखा है जिसे विश्वविद्यालय के खुलने पर कार्यालय को प्राप्त कराया जाएगा जिसमें प्रमुख रूप से 2 सवाल है- दीक्षांत समारोह 5 सितंबर  के बाबत विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुल कितने रुपए खर्च किए ।उपरोक्त व्यय का मदानुसार विवरण।
 छात्रसंघ बहाली को लेकर धरने पर बैठे हुए छात्रों को समर्थन देने शिवम शुक्ल ,पूर्व अध्यक्ष एपीएन पीजी कालेज बस्ती पहुचे व अपना समर्थन दिया।
सभा को संबोधित करते हुए उपमंत्री मंत्री सत्यम सनी व छात्र नेता राहुल क्रांति ने कहा कि कैलाश सत्यार्थी जी ने हमारे शहीद लाल पदमधर जी के बारे में प्रेरणास्रोत शब्द बोले,इसका हम स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू ने उनसे जरूर कुछ प्रेरणा ली होगी।छात्र नेता अरविंद सरोज व अजय सम्राट ने कहा कि हम उन शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हैं जो छात्र संघ बहाली के आंदोलन के साथ खड़े रहे व सांकेतिक दीक्षांत समारोह से दूर रहे ।
छात्र नेता चौधरी संदीप यादव व अविनाश विद्यार्थी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोधाभासो को सम्मान मिलना चाहिए। पुलिस के दम पर छात्रों की आवाज को दबाना अलोकतांत्रिक व कायराना कदम है।उक्त समय छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव,उपाध्यक्ष अखिलेश यादव,पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव,वरिष्ठ छात्र नेता अखिलेश गुप्ता गुड्डू,अजीत विधायक,सुनील कुमार,अखिलेंद्र कुमार,दुर्गेश सिंह,सत्यम कुशवाहा,आलोक त्रिपाठी,सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।