नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की प्रयागराज मौजूदगी में भी  छात्रों की हुई गिरफ्तारी

छात्रसंघ बहाली के आंदोलन का आज 32 वा दिन था ,कल की गिरफ्तारी से छात्रसंघ
दोगुने जोश से आज अनशन स्थल पर पहुंचा।जिसमें भूत पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रिचा
सिंह, पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, वरिष्ठ छात्र
नेता अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अजीत विधायक, राहुल क्रांति, संदीप मोर्चा,
जितेंद्र धनराज पहुंचे और रोज की तरह अनशन स्थल पर जाने लगे।छात्रसंघ के
प्रवेश द्वार का मेन गेट प्रशासन ने बंद कर रखा था, जिसकी वजह से छात्र बाहर
ही  अनशन पर बैठ गए ।
अनशनकारी छात्रों को बलपूर्वक पुलिस ने गिरफ्तार कर कैंट थाने में निरुद्ध कर
दिया, जहां पहले से वहाँ निरुद्ध छात्र उपस्थित थे।गिरफ्तार होने वालों में
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव,पूर्व  उपाध्यक्ष आदिल हमजा ,वरिष्ठ छात्र
नेता अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अजीत विधायक, राहुल क्रांति ,संदीप मोर्चा,
जितेंद्र धनराज रहे।शाम को छात्रसंघ पदाधिकारियों ,छात्र नेताओं की रिहाई के
उपरांत संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक हुई, जिसमें यह मुद्दा सर्वसम्मति से
उठाया गया कि *जब उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ने मानद उपाधि लेने से इंकार
कर दिया तब किस हैसियत से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने यह उपाधि
ग्रहण की ,इसकी एक मत से निंदा की गई ,इसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पतन की
पराकाष्ठा से नवाजा गया।*संयुक्त संघर्ष समिति ने इस बात का ऐलान किया कि
छात्रसंघ का घोषित दीक्षांत समारोह बहिष्कार सफल रहा है ।कुलपति के तानाशाह
पूर्ण रवैया के कारण बहुत से शिक्षको ने  दीक्षांत समारोह में आना उचित नहीं
समझा ।माननीय कैलाश सत्यार्थी ने शहीद लाल पद्मधर के शहादत को नमन करते हुए यह
कहा कि हमने उनकी मूर्ति पर सन 1995 में माल्यार्पण किया और हम आज भी करना
चाहते हैं परंतु यह समझ से परे है कि आज शहीद लाल पद्मधर की मूर्ति पर
माल्यार्पण से किन तत्वों ने रोक दिया।संयुक्त संघर्ष समिति ने ऐलान किया कल
पहले शाहिद लाल पद्मधर की मूर्ति पर माल्यार्पण होगा ,उसके बाद अनशन का
द्वितीय चरण और जोश खरोश के साथ किया जाएगा।संयुक्त संघर्ष समिति ने उत्तराखंड
के राज्यपाल व उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक महोदय का धन्यवाद ज्ञापन किया
कि उन्होंने अपनी मर्यादा और विश्वविद्यालय के मर्यादा दोनों की रक्षा की और
कुलपति रतनलाल हंगलू के षड्यंत्र को समय से पूर्व ही रोक लिया और अपना
दुरुपयोग होने से बचा लिया।