मुहर्रम का पहला जुमा यौम ए अली असग़र के नाम  यौमे अली असग़र अम्न के दुश्मनों के लिए कारी ज़र्ब है -मौलाना मुराद रज़ा
मुहर्रम का पहला जुमा यौम ए अली असग़र के नाम

 

 यौमे अली असग़र अम्न के दुश्मनों के लिए कारी ज़र्ब है -मौलाना मुराद रज़ा

 

मौलाना ग़ुलाम अस्करी हाल में पहली बार बड़ी अक़ीदत के साथ मनाया गया यौमे अली असग़र


बाराबंकी। मुहर्रम का पहला जुमा यौम ए अली असग़र के नाम । मौलाना ग़ुलाम अस्करी हाल में पहली बार बड़ी अक़ीदत के साथ मनाया गया यौमे अली असग़र । आली जनाब मौलाना मुराद रज़ा साहब किबला ने कहा  यौमे अली असग़र अम्न के दुश्मनों के लिए कारी ज़र्ब है ।साम्राजी ताकतों मुक़ाबला और नफ़रतों का मोहब्बतों से मुक़ाबला करने के लिए जनाब ए अली असग़र अ.की याद में एक अनोखे  अंदाज में मनाई गई।आली जनाब मौलाना जाबिर जौरासी साहब , मौ.मुराद रज़ा साहब , मौ.मो.रज़ा ज़ैदपुरी साहब की मौजूदगी में नन्हे बच्चों को करबला से लाए हुए जनाबे अली असग़र के लिबास पिन्हाकर आतंकवाद के खिलाफ मज़लूमियत का इज़हार किया गया।इस मौके पर बुज़ुर्गों नौजवानों कमसिन बच्चों और औरतों ने बड़ी तादाद में शिरकत की।अपने न्हे मुन्नो को ऐसे पेश किया कि जरूरत पड़ने पर सय्यदा के लाल के शशमाहे के नाम पर कुरबान कर सकें ।