जो हुकूमते आलिमों पर हुक्म चलाती है मिट जाती है -मौलाना जाबिर जौरासी

 बच्चे वली ए खु़दा होते हैं  -मौलाना मुराद रज़ा
पांचवीं मुहर्रम को हुआ जगह जगह मजलिसों का एहतेमाम हुआ   नौचंदी का अलम बरामद   

नजिस दिल वाला अली से मुहब्बत नहीं कर सकता -मौ.जमीर
बाराबंकी ।इमामबाड़ा मीर मासूम अली कटरा में मजलिस को ख़िताब करते हुए आली जनाब मौलाना जाबिर जौरासी ने कहा  जो हुकूमते आलिमों पर हुक्म चलाती है तो मिट जाती है । जाहिलों को हुकूमत चलाने का हक़ नहीं होता । जो इल्म की रौशनी में हक़ के लिए मुत्तहिद होते हैं वो मुंतसिर नहीं होते।मौलाना गुलाम अस्करी हाल में आली जनाब मौलाना मुराद रज़ा साहब क़िबला ने मजलिस को ख़िताब करते हुए कहा-बच्चे वली ए खु़दा होते हैं ।इमाम की ज़ियारत करना चाहते हो तो कुरआन उठाओ उसे बोसा लो,इमाम की ज़ियारत हो जाएगी। मौलाना ने यह भी कहा 6 मुहर्रम को यौम ए अली असग़र मनाया जाएगा ।वख़्त की पाबंदी के साथ सुबह  7 बजे अपने दोसाल तक के बच्चों को लेकर ज़रूर आएं,उन्हें करबला से लाया हुआ लिबास दिया जाएगा । मक़्सदे हुसैन को पामाल करने वाले हराम रक़म से हुसैन को ख़ुश नहीं कर सकते  । उन्होंने यह भी कहा ,अपने किरदार को हुसैनी बनाओ यज़ीदी नहीं।जब हाकिम बेईमान हो तो उससे हक़ की उम्मीद नहीं करनी चाहिए ।यज़ीदियत से हक़ नहीं मिलता ,हक़ तलाश करना है तो दरे हुसैन पर आओ ,हुसैनी किरदार अपनाओ। पांचवीं मुहर्रम को हुआ जगह जगह मजलिसों का एहतेमाम ।वहीं आग़ा फ़य्याज़ मियां जानी के अज़ाख़ाने में मजलिस को ख़िताब करते हुए आली जनाब मौ.ज़मीर ने कहा - नजिस दिल वाला अली से मुहब्बत नहीं कर सकता ।अली का जिक्र इबादत है, अली की मुहब्बत इबादत है । गूँजने लगी हर तरफ या हुसैन  या हुसैन की सदाये ।  मोहसिन साहब के अज़ाख़ाना रसूलपुर में आली जनाब मौलाना सज्जाद साहब ने मजलिस को खिताब किया ।मजलिस से पहले नसीर अन्सारी , बाक़र नक़वी, सरवर अली रिज़वी  ने नज़रानये अकी़दत पेश किया ।कर्बला सिविल लाइन  में नमाज़े जोहरैन अदा कराने के बाद मजलिस को आली जनाब मौलाना सै० मो. मुज्तबा "मीसम" साहब ने ख़िताबकरते हुए कहा फ़र्श ए अज़ा सिखाती है ज़िन्दगी गुज़ारने का सलीका । बाक़र नक़वी, सरवर अली रिज़वी ,शबी अहमद,अमान अब्बास व अली अकबर ने नज़रानये अक़ीदत पेश की आखिर में कर्बला वालो के मसायब पेश किये जिसे सुनकर मोमनीन रो पड़े बादे मजलिस नौचंदी का अलम बरामद हुआ अन्जुमनों ने नौहाख्वानी व सीनाज़नी के साथ करबला परिशर मेंअलम गस्त कराया। दौरे की कई मजलिसों मे अजमल किंतूरी ,बाक़र नक़वी, मुजफ्फर इमाम ,सरवर अली रिज़वी,मोनिस सरवर ,ज़ाकिर इमाम ने नज़रानये अकीदत पेश की।  कामयाब, अयान अब्बास,अमान अब्बास व अयान ने नज़रानये अकीदत पेश किया । अंजुमन सदाये हुसैन व अंजुमन गुंचये अब्बासिया अंजुमन गुलामे अस्करी अंजुमन इमामिया ने नौहा ख्वानी की । जगह जगह कर्बला वालों के मसायब पेश किये गए ।  मजलिसों का सिलसिला आगे बढ़कर तक़ैय्या बेगम इमामबाड़ा बेगमगंज, इमामबाड़ा जनाबे ज़ैनब बेगमगंज, मरहूम शरीफुल हसन  व नजमुल हसन के अज़ाख़ाना होते हुए यह सिलसिला  डॉ असद अब्बास के आवास अज़ाख़ाना मरहूम अतहर हुसैन एडवोकेट के पहुंचा जहाँ मजलिस को आली जनाब मौलाना मो.रज़ा ज़ैदपुरी ने खिताब किया ।इसके बाद नेहरू नगर हैदर हाउस मरहूम एजाज साहब के अज़ाख़ाना होते हुए कंपनी बाग़ मरहूम आले मोहम्मद,अतहर साहब व लाइन पुरवा में नाज़िम साहब के इमामबाड़े के बाद तकीयुल हसन ज़ैदी के अज़ाख़ाने के बाद देर रात अस्करी नगर में नवाब साहब के अज़ाख़ाने में ख़त्म हुआ।मजलिस को  तकीउल हसन ज़ैदी,दिलकश रिज़वी ,अहमद रज़ा व सबी हैदर ने पढ़ी। वही दूसरी तरफ तनवीर एडवोकेट के अज़ाख़ाने तकिया के बाद साजिद साहब के अजाखाने में सालाना मजलिस को अयान अब्बास ने खिताब किया, इसके बाद ज़मीर साहब के अज़ाख़ाने,मस्जिद इमामिया व मरहूम लियाकत के अज़ाख़ाने व पीर बटावन में मरहूम कब्बन साहब के अज़ाख़ाने में भी मजलिस का सिलसिला देर रत चलता रहा । हर ओर या हुसैन या हुसैन की सदाये गूँज रही है ।