जो अल्लाह से डरता है वो किसी से नहीं डरता,जोअल्लाह से नहीं डरता उसे सबसे डरना पड़ता है -मौलाना जाबिर जौरासी
 जिसको हुसैन समझ आ जाता है वो मज़हब की दीवार से आगे निकल जाता है -मौलाना मुराद रज़ा

चौथी मुहर्रम को हुआ जगह जगह मजलिसों का एहतेमाम

अली का जिक्र इबादत है, अली की मुहब्बत इबादत है -मौ.जमीर अहमद

 

बाराबंकी ।इमामबाड़ा मीर मासूम अली कटरा में मजलिस को ख़िताब करते हुए आली जनाब मौलाना जाबिर जौरासी ने कहा  जो अल्लाह से डरता है वो किसी से नहीं डरता,जोअल्लाह से नहीं डरता उसे सबसे डरना पड़ता है । यही वजह है कि ईरान किसी से नहीं डरता क्योंकि वह सिर्फ़ अल्लाह से डरता ।अमरीका व इजराईल व दीगर मुल्क के लोग ईरान से डरते हैं जो अल्लाह से नहीं डरते।जो इल्म की रौशनी में हक़ के लिए मुत्तहिद होते हैं वो मुंतसिर नहीं होते।मौलाना गुलाम अस्करी हाल में आली जनाब मौलाना मुराद रज़ा साहब क़िबला ने मजलिस को ख़िताब करते हुए कहा- जिसको हुसैन समझ आ जाता है वो मज़हब की दीवार से आगे निकल जाता है । उस्मानी हो या ईसाई इनके दर पर आता है तो हुसैनी हो जाता है। मक़्सदे हुसैन को पामाल करने वाले हराम रक़म से हुसैन को ख़ुश नहीं कर सकते  । उन्होंने यह भी कहा ,अपने किरदार को हुसैनी बनाओ यज़ीदी नहीं।जब हाकिम बेईमान हो तो उससे हक़ की उम्मीद नहीं करनी चाहिए ।यज़ीदियत से हक़ नहीं मिलता ,हक़ तलाश करना है तो दरे हुसैन पर आओ ,हुसैनी किरदार अपनाओ। चौथी मुहर्रम को हुआ जगह जगह मजलिसों का एहतेमाम ।वहीं आग़ा फ़य्याज़ मियां जानी के अज़ाख़ाने में मजलिस को ख़िताब करते हुए आली जनाब मौ.ज़मीर ने कहा - अली का जिक्र इबादत है, अली की मुहब्बत इबादत है ।

। गूँजने लगी हर तरफ या हुसैन  या हुसैन की सदाये ।  मोहसिन साहब के अज़ाख़ाना रसूलपुर में आली जनाब मौलाना सज्जाद साहब ने मजलिस को खिताब किया  शकील संडीलवी ,कलीम  आज़र व नदीम रिज़वी  ने नज़रानये अकी़दत पेश की। कर्बला सिविल लाइन  में नमाज़े जोहरैन अदा कराने के बाद मजलिस को आली जनाब मौलाना सै० मो. मुज्तबा "मीसम" साहब ने ख़िताब  किया । बाक़र नक़वी, सरवर अली रिज़वी ,अमान अब्बास व अली अकबर ने नज़रानये अक़ीदत पेश की आखिर में कर्बला वालो के मसायब पेश किये जिसे सुनकर मोमनीन रो पड़े । दौरे की कई मजलिसों मे अजमल किंतूरी ,बाक़र नक़वी, मुजफ्फर इमाम ,सरवर अली रिज़वी,मोनिस सरवर ,ज़ाकिर इमाम ने नज़रानये अकीदत पेश की।  कामयाब, अयान अब्बास,अमान अब्बास व अयान ने नज़रानये अकीदत पेश किया । अंजुमन सदाये हुसैन व अंजुमन गुंचये अब्बासिया अंजुमन गुलामे अस्करी अंजुमन इमामिया ने नौहा ख्वानी की । कर्बला वालों के मसायब पेश किये गए । । मजलिसों का सिलसिला आगे बढ़कर तक़ैय्या बेगम इमामबाड़ा बेगमगंज, इमामबाड़ा जनाबे ज़ैनब बेगमगंज, मरहूम शरीफुल हसन  व नजमुल हसन के अज़ाख़ाना होते हुए यह सिलसिला  डॉ असद अब्बास के आवास अज़ाख़ाना मरहूम अतहर हुसैन एडवोकेट के पहुंचा जहाँ मजलिस को आली जनाब मौलाना मो.रज़ा ज़ैदपुरी ने खिताब किया ।इसके बाद नेहरू नगर हैदर हाउस मरहूम एजाज साहब के अज़ाख़ाना होते हुए कंपनी बाग़ मरहूम आले मोहम्मद,अतहर साहब व लाइन पुरवा में नाज़िम साहब के इमामबाड़े के बाद तकीयुल हसन ज़ैदी के अज़ाख़ाने के बाद देर रात अस्करी नगर में नवाब साहब के अज़ाख़ाने में ख़त्म हुआ।मजलिस को  तकीउल हसन ज़ैदी,दिलकश रिज़वी ,अहमद रज़ा व सबी हैदर ने पढ़ी। वही दूसरी तरफ तनवीर एडवोकेट के अज़ाख़ाने तकिया ,मस्जिद इमामिया व मरहूम लियाकत के अज़ाख़ाने व पीर बटावन में मरहूम कब्बन साहब के अज़ाख़ाने में भी मजलिस का सिलसिला देर रत चलता रहा जनपद के आलमपुर, मीरापुर , टिकरिया, असंद्रा, मिर्चिया, संगौरा, जरगावा, मोतिकपुर, सरैया,सराये इस्माईल,केसरवा,फतेहपुर,जैदपुर,बदोसराय,किन्तूर,मौथरी आदि जगहों पर भी मजलिस का सिलसिला जारी है हर ओर या हुसैन या हुसैन की सदाये गूँज रही है ।ये सिलसिला जारी रहेगा दस मोहर्रम तक।