ग़ाज़ी अब्बास की शहादत पर निकला अलम व ज़ुलजनाह

हज़रत इमाम हुसैन के छोटे से लश्कर के अलमबरदार हज़रत अब्बास की शहादत से मन्सूब आठवीं मोहर्रम पर चक ज़ीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डीप्टि ज़ाहिद हुसैन मे अशरे की आठवीं मजलिस को मौलाना रज़ी हैदर साहब ने खिताब करते हुए लश्करे हुसैनी के अलमबरदार ग़ाज़ी अब्बास की शहादत का ज़िक्र किया।कहा छोटे छोटे बच्चों की प्यास की शिद्दत को देखते हुए ग़ाज़ी अब्बास मश्क लेकर नहरे फुरात पर पानी लेने गए।लेकिन यज़ीदी फौज ने भरी मश्के सकीना को तीरों की बारिश कर अब्बास की आस तोड़ दी वहीं नैज़ों और तलवारों से हज़रत अब्बास के दोनो बाज़ू काट दिये। प्यासी सकीना व बच्चे हाय प्यास हाय प्यास की सदा बुलन्द करते रहे ।मसाएब सुन कर अक़िदतमन्दों के आँखों से अश्कों की धारा बहने लगी।बाद मजलिस शबीहे ज़ुलजनाह व अलम मुबारक निकला तो हर तरफ से आहो बुका की सदा गूंजने लगी।अन्जुमन हैदरया रानी मण्डी के नौहा ख्वान हसन रिज़वी ने ग़मगीन नौहा पढ़ा।वहीं दरियाबाद मे भी मजलिस के साथ ग़ाज़ी अब्बास की शुजात व बहादुरी का ज़िक्र हुआ और अन्जुमन नक़वीया,अन्जुमन मोहाफिज़े अज़ा क़दीम सहित अन्य अन्जुमनों ने ग़मगीन माहौल मे जुलूस निकाल कर ज़नजीरों से पुश्तज़नी की।मजलिस व जुलूस में नय्यर रिज़वी,हसन नक़वी,रौनक़ सफीपुरी,सै०मो०अस्करी,शाहरुक़ शबीह हसन,नजीब इलाहाबादी,वज़ीर खाँ,अरशद ज़ैदी,औन ज़ैदी,ज़ामिन हसन आदि मौजूद रहे।