छात्रसंघ ने कैलाश सत्यर्थी से मिलने से किया इनकार कैलाश सत्यार्थी के इलाहाबाद विश्वविद्यालय आगमन से पहले छात्र नेताओं की हुई गिरफ्तारी

प्रयागराज,छात्रसंघ बहाली को लेकर चल रहा धरना प्रदर्शन दूसरे महीने में प्रवेश कर गया।छात्रसंघ भवन पर शांति से चल रहे धरना स्थल पर एकाएक भारी संख्या में पुलिस बल पहुँची और  आंदोलनरत छात्रसंघ पदाधिकारी एवं छात्रनेताओं को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार होने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ,उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह,वरिष्ठ छात्रनेता अविनाश विद्यार्थी, अजय सम्राट,आनन्द सेंगर,सत्यम कुशवाहा रहे जिन्हें गिरफ्तार कर कैंट थाने भेज दिया गया ।
गिरफ्तारी के उपरांत संयुक्त संघर्ष समिति की एक आकस्मिक बैठक बुलायी गई। जिसमें पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद दुबे,पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह ,पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव,पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमज़ा,पूर्व उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी,उपमंत्री सत्यम सनी वरिष्ठ छात्रनेता अखिलेश गुप्ता गुड्डू,रजनीश रिशु,अजित विद्यायक,अतेंद्र सिंह ,संदीप मोर्चा,हितेन्दर सिंह,संदीप प्रॉक्टर,अंकित यादव सभी ने इस गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि लगभग महीने भर से चल रहे आंदोलन को कुलपति के इशारे पर पुलिसिया दमन द्वारा कुचलने का प्रयास किया जा रहा, कैलाश सत्यार्थी जी के मौजूदगी में युवाओं के अधिकारों का हनन व गिरफ्तारी इलाहाबाद के युवाओं को मिला ।संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों को कैलाश सत्यार्थी ने मिलने के लिए आमंत्रित किया तब संयुक्त संघर्ष समिति ने यह निर्णय लिया कि उनसे नहीं मिला जाएगा, जब विश्वविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं कैलाश सत्यार्थी जी से नहीं मिल सकते तो ऐसे में संयुक्त संघर्ष समिति के मिलने का कोई औचित्य नहीं है।जहां 30000 छात्र होंगे वही छात्र संघ होगा ,जब वो छात्र नहीं होंगे तो हमें मिलने में कोई भी उनसे दिलचस्पी नहीं है। इसलिए उनसे नही मिलने का निर्णय संयुक्त संघर्ष समिति ने लिया है।
इसमें समस्त छात्रसंघ के वर्तमान पदाधिकारी ,पूर्व पदाधिकारी व छात्र नेताओं ने मिलने का आग्रह ठुकरा दिया ,सभी ने यह चेतावनी देते हुए कहा चाहे जेले जितनी भी भर जाएं लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा ।
गिरफ्तार छात्रों से मिलने के लिए बार एसोसिएशन के सदस्य, नेता, पदाधिकारी ,जिला बार के पदाधिकारी ,व्यापार संगठन के पदाधिकारी समेत एमएलसी रामवृक्ष यादव,रविन्द्र यादव,संदीप यादव,विनीत सिंह वहां पर पहुंचे तथा छात्रसंघ बहाली के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
गिरफ्तारी के बाद कैंट थाने पर नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के प्रतिनिधि गिरफ्तार हुए आंदोलित छात्रनेताओं से मिलने पहुँचे, जहां पर वर्तमान पदाधिकारियों ,पूर्व पदाधिकारियों जिसमें पूर्व अध्यक्ष विनोद चंद दुबे,रिचा सिंह,अवनीश यादव, वर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव,अखिलेश यादव,शिवम सिंह,रजनीश रिशु,विक्रांत सिंह,अजीत विधायक,अतेंद्र सिंह,अविनाश विद्यार्थी समेत गिरफ्तार छात्रों से बात करने का प्रयास किया लेकिन छात्र संघ के लोग अपने बात पर अड़े थे की जहां पर समस्त छात्रों का दीक्षांत समारोह में प्रवेश नहीं होगा वहां पर छात्रसंघ नहीं होगा हम चाहते हैं कि यौन हिंसा के आरोपी कुलपति रतनलाल हंगलू के साथ कैलाश सत्यार्थी जी मंच साझा ना करें।
गिरफ्तारी के दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव,उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह ,वरिष्ठ छात्रनेता अविनाश विद्यार्थी समेत गिरफ्तार सभी छात्रनेताओं ने कहा इससे हमारी लड़ाई को और अधिक बल मिल रहा है और हम दोगुनी साहस के साथ इस आंदोलन को जारी रखेंगे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में इस तरह की कार्रवाई निंदनीय है,यह अघोषित आपातकाल है।हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हमारी जीत सुनिश्चित नहीं हो जाती ।
वरिष्ठ छात्रनेता रजनीश सिंह रिशु ने कहा कि यह एतिहासिक विडम्बना है कि शान्ति के नोबल पुरस्कार विजेता अशांतिके सरगना के मेहमान हैं और उनके आगमन मात्र से जिले में असांत व्याप्त है।