अब अंग्रेजी में भी मिलेगा जाति प्रमाणपत्र, अन्य राज्यों में आवेदन करने वालों को मिलेगा लाभ
तहसीलों से हिंदी भाषा में जारी होने वाले जाति प्रमाणपत्रों के कारण गैर हिंदी भाषी राज्यों में जरूरतमंदों को लाभ पाने में दिक्कत होती है। इस समस्या से अब जल्द छुटकारा मिल सकता है। शासन ने अब अंग्रेजी भाषा में एक निर्धारित प्रोफॉर्मा पर जाति प्रमाणपत्र बनाकर जारी किए जाने का आदेश सभी तहसीलों को जारी किया है। इस संबंध में जारी शासनादेश में सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है। 


प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी तहसीलों से अब प्रदेश या प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों की सेवाओं में जातिगत आरक्षण का लाभ पाने के लिए आवेदकों को हिंदी के साथ अंग्रेजी भाषा में भी जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। आवेदक द्वारा जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन उस क्षेत्र के सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा जहां उसका जन्म हुआ हो या जहां वह आवेदन करते समय स्थायी तौर पर निवास कर रहा हो।
 आवेदन के साथ राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित शपथ भी प्रस्तुत करना होगा। इसमें अभ्यर्थी की जाति/उपजाति जनजातीय समुदाय के वर्ग या भाग निवास आदि से जुड़ा विवरण होगा। इसके आधार पर ही तहसील स्तर से सक्षम अधिकारी आवेदक से जुड़ी जानकारी का स्थलीय सत्यापन करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर हिंदी के साथ ही निर्धारित प्रोफार्मा पर अंग्रेजी में लिखा जाति प्रमाणपत्र भी आवेदक के मांगने पर तहसील से जारी होगा। 
इसका सबसे बड़ा फायदा गैर हिंदी भाषी राज्यों में जातिगत आरक्षण पाने को प्रस्तुत किए जाने वाले प्रदेश के आवेदकों को होगा। अब उन्हें हिंदी में बने जाति प्रमाण पत्र का सक्षम प्राधिकारी स्तर से अंग्रेजी में अनुवाद कराने की परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा। 


आदेश का अनुपालन तत्काल



दो सितंबर को जारी शासन के निर्देश के बाद राजधानी की पांचों तहसीलों के एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें आवेदकों के जाति प्रमाणपत्र हिंदी भाषा के साथ ही अंग्रेजी भाषा में भी तैयार कर जारी किए जाने की व्यवस्था तत्काल शुरू कराने को कहा गया है। 
एसपी गुप्ता, एडीएम प्रशासन