सिर्फ बातों से काम नहीं चलेगा, सार्थक परिवर्तन समाज में दिखाई देना चाहिए - आनन्दी बेन पटेल अधिकारी, कर्मचारी व्यक्तिगत रूचि लेते हुए निष्ठा व लगन के साथ कार्य करें,

Barabanki प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज जनपद बाराबंकी का भ्रमण किया। इस मौके पर उन्होंने स्वास्थ्य, सुरक्षा व शिक्षा की स्थिति जानने के साथ केन्द्र एवं प्रदेश की योजनाओं की हकीकत से भी रूबरू हुई। राज्यपाल ने जनपद बाराबंकी में सर्वप्रथम पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवला करसण्डा, थाना मसौली, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ागांव, आंगनबाड़ी केन्द्र बड़ागांव, महादेवा आॅडीटोरियम पहुॅचकर केन्द्र और प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवला करसण्डा पहुॅचते ही स्काउट गाइड की कलर पार्टी द्वारा महामहिम राज्यपाल महोदया को बच्चों के द्वारा उद्घोष के साथ गाड आफ आॅनर देकर विद्यालय के अन्दर तक ले जाया गया। विद्यालय के अन्दर कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने बच्चों की शिक्षा व्यवस्था मिड डे मील तथा उनकी पारिवारिक स्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की संख्या पूछी। उन्होंने विद्यालय की शिक्षिकाओं को निर्देश दिये कि कक्षा की खाली दीवारों पर बच्चों से ही पेटिंग करवाकर उनको चित्रों के माध्यम से पढ़ाया जाये। इस तरह से उन्हें विषय जल्दी याद होता है और उनमें कलात्मकता एवं स ृजनशीलता का भी संवर्धन होता है। उन्होंने कुछ शारीरिक रूप से कमजोर बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति चिन्ता व्यक्त करते हुए उन्हें नियमित रूप से घर से खाकर आने के सुझाव भी दिये। राज्यपाल महोदया ने कक्ष में पढ़ रहे बच्चों से कहा कि अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए भोजन नियमित समय से करें, जिससे स्वास्थ्य के साथ-साथ दिमाग भी तीव्र होता है। इसके अतिरिक्त विद्यालय में कक्षाओं के निरीक्षण के उपरान्त उन्होंने रसोईघर, शौचालय की साफ-सफाई का निरीक्षण भी किया। शौचालय के पास लगे हैण्डपम्प से निकलने वाले वेस्ट पानी के निर्देश दिया कि यह पानी को देखकर उन्होंने उसके निकास को विद्यालय परिसर में लगे पौधों की क्यारियों की तरफ मोड़ने के लिए कहा, जिससे बच्चे पानी के महत्व को समझ सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह से पानी बेकार नहीं बहेगा और पौधों को अपने आप ही पानी मिलता रहेगा।
थाना मसौली के निरीक्षण के दौरान आरक्षी बैरक, भोजनालय कक्ष, कार्यालय क्राइम रजिस्टर, सीसीटीवी कक्ष, सम्पत्ति गृह, हवालात, थानाध्यक्ष कार्यालय, शस्त्रागार सहित अन्य की स्थिति देखी। राज्यपाल महोदया ने थाना मसौली में वृक्षारोपण भी किया। थाना मसौली में राज्यपाल महोदया को रोली अक्षत लगाकर बच्चों ने स्वागत किया। सर्वप्रथम राजकीय बालिका इण्टर कालेज की छात्राओं द्वारा स्वागीत गीत ''मन की वीणा से गुंजित ...... स्वागतम् स्वागतम् '' प्रस्तुत किया गया। वर्षा चन्द्रा छात्रा ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर कविता प्रस्तुत की। राज्यपाल महोदया ने उपस्थित बच्चों को फल वितरित किये तथा उनसे बातचीत भी की। उन्होंने बच्चों को बताया कि वे भी सरकारी स्कूल से ही पढ़ी है अतः बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए अपने को किसी से कम न समझे। उन्हांेने शिक्षिकाओं को निर्देश देते हुए कहा कि कक्षा 1 से लेकर 8 तक के बच्चों को समय-समय पर थाना, अस्पताल आदि स्थानों का भ्रमण करवाये। इससे बच्चों में निरीक्षण शक्ति, स्मरण शक्ति और अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास होता है। उन्होंने बच्चों से नियमित रूप से निबन्ध लिखवाने की बात भी कही।
राज्यपाल महोदया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ागांव एवं आंगनबाड़ी केन्द्र बड़ागांव के निरीक्षण में कहा कि अच्छे खाने में पौष्टिक खाना अवश्य रहना चाहिए। सीएचसी में पैथालाॅजी, ओपीडी, कार्यालय कक्ष, कुष्ठ विभाग, नेत्र विभाग, कौशल क्षमता प्रयोगशाला, प्रसव गृह आदि का निरीक्षण किया। प्रसवगृह में उन्होंने नवजात बच्चों की माताओं से बातचीत की और उन्हें फल वितरित किये। एक बच्चे का उन्हांेने तत्काल नामकरण करते हुए उसका नाम नरेन्द्र रखने के लिए कहा। उन्होंने उपस्थित डाक्टर्स को निर्देश दिये कि अस्पताल की दीवारो ंपर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने वाले संदेश लिखवाये।
अन्त में महादेवा आॅडीटोरियम पहुॅचकर केन्द्र और प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए उन्होंने विभागवार चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं कार्यान्वयन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमें संख्यात्मक नहीं तथ्यात्मक रिपोर्ट चाहिए। हम सब को मिलकर नये भारत के निर्माण में प्रधानमंत्री के सपने को हकीकत में बदलना है। उसके लिए हमारे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को निष्ठा व लगन के साथ अपने कार्यो में व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्य को पूरा करना होगा, तभी सामाजिक बदलाव दिखाई देगा। इसके लिए जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जो सक्सेज स्टोरी सामने आ रही है, उनका भरपूर प्रचार-प्रसार किया जाये। उन्होंने प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी व ग्रामीण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य सम्बन्धित सभी योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की।
महादेवा आडिटोरिय में बच्चों को गोद लेने वाली संस्थाओं से मुलाकात की और गरीब बच्चों को गोद लेने उनका पालन पोषण करने पर विस्तार से चर्चा की। जिसमेें रेडक्रास सोसाइटी, रोटरी क्लब, लाइन्स क्लब द्वारा राज्यपाल महोदया को शाॅल देकर सम्मानित किया। राज्यपाल महोदया ने सुझाव दिया कि सभी अधिकारी एक-एक गरीब बच्चों को गोद लें और उनका पालन पोषण करें, क्यांेकि सम्पन्न लोग यदि गरीब बच्चों का सहारा नहीं बनेंगे तो कौन बनेगा। गरीब बच्चों को गोद लेकर हम नई पीढ़ी के निर्माण में एक बहुत बड़ा योगदान देते है, जिसे प्रत्येक नागरिक को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के स्वच्छता अभियान के निरन्तर प्रयास से आज घर-घर शौचालय बन गये है और लोग उन्हें प्रयोग में ला रहे है। स्वच्छता के अभियान का उद्देश्य था कि स्वच्छता होगी तो हमारे देश का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ होगा। हमारे प्रधानमंत्री का प्रण है कि 2025 तक भारत को टीबी से मुक्ति दिला दी जाये। भारत को प्लास्टिक से मुक्त कराना है। भारत सरकार के अथक प्रयासों से लगातार कार्य किया जा रहा है, जिसके सुखद परिणाम देखने को मिले है। आज ग्रामीण स्तर पर लोग खुश है, क्योंकि उनको काम पूरा होता हुआ दिखाई दे रहा है। साधन सम्पन्न लोगों को गरीबों की सेवा करनी चाहिए। समाज को सुधारने का काम हम सबका है।
इस दौरान जिलाधिकारी डाॅ0आदर्श सिंह, पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर, मुख्य विकास अधिकारी मेधा रूपम, अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता, उपजिलाधिकारी नवाबगंज अभय कुमार पाण्डेय, उपजिलाधिकारी फतेहपुर पंकज कुमार, उपजिलाधिकारी रामनगर, उपजिलाधिकारी हैदरगढ़, उप निदेशक सूचना कुमकुम शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।