अधिकांश विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम की किताबें भी नहीं पहुंची हैं

बाराबंकी। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मांटेसरी स्कूलों की तरह अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की कोशिश जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। स्थिति यह है कि शैक्षिक सत्र 2019-20 में 88 विद्यालयों का चयन करने के पांच माह बाद भी शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। अधिकांश विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम की किताबें भी नहीं पहुंची हैं। इन स्कूलों में दाखिल लेने वाले विद्यार्थी पुराने तरीके से पढ़ाई करने को विवश हजिले के 88 परिषदीय विद्यालयों का चयन अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए शैक्षिक सत्र 2019-20 में किया गया था। इसमें 77 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में पढ़ाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में पांच और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तीन-तीन शिक्षकों के अनुपात में 436 शिक्षकों की तैनाती की जानी थी। शैक्षिक सत्र शुरू होने के पांच माह बाद भी इन विद्यालयों के लिए शिक्षक ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने की सरकार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है।


चार सौ शिक्षकों ने किया आवेदन
खंड शिक्षा अधिकारियों पर दबाव के बाद जिले के 15 ब्लॉक क्षेत्रों से चार सौ शिक्षकों ने अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाने के लिए आवेदन किया था। परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार के इंतजार में शिक्षकों की तैनाती संबंधित स्कूलों में नहीं हो सकी है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूल विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले नौनिहाल मायूस हैं।