आत्मसमर्पण... इनाम की घोषणा और अंत में मुठभेड़ का नाटक, जानें- क्या है एनकाउंटर का असली सच?
मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल कादिर का दुस्साहस कहेंगे या फिर पुलिस द्वारा मुठभेड़ का नाटक। पुलिस टीम के बीच खडे़ दरोगा से पिस्टल छीनकर कादिर ने गोली चला दी। ये आरोपी कोई बड़ा बदमाश भी नहीं है, जोकि पुलिस से खौफ न खाता हो। आत्मसमर्पण, इनाम की घोषणा और फिर पुलिस कस्टडी से भागने के बाद मुठभेड़ में गोली लगना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगा रहा है। 

सीसीएस यूनिवर्सिटी में दो छात्रों को गोली मारने में नामजद आरोपी कादिर भाजपा नेता कुंवर बासित अली का भतीजा और एबीवीपी कार्यकर्ता है। बासित अली का कहना है विवि में छात्रों की गुटबाजी में कादिर और उसके दोस्त आदित्य तोमर पर रंजिशन मुकदमा लिखा गया। बुधवार शाम बासित अली ने एसपी सिटी से फोन पर बात की थी और कादिर को सुबह पुलिस को सौंपने को कहा। सुबह सात बजे कादिर को बासित व उनके परिजन सिविल लाइन थाना पुलिस को सौंप 


एसपी सिटी से थाने के मुंशी की परिजनों ने बात कराकर कादिर को सौंपा। उसके बाद भाजपा नेता बासित एसपी सिटी के आवास पहुंचे। सुबह 11 बजे परिजन कादिर को फल खिलाकर आए। दोपहर परिजन खाना लेकर सिविल लाइन पहुंचे। जहां पता चला कि कादिर को पुलिस मेडिकल लेकर गई है। परिजन मेडिकल पहुंचे। जानकारी मिली कि कादिर को पुलिस ने पैर में गोली मार दी। यह सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की। 
थाने में सरेंडर, फिर भागा क्यों? 
सिविल लाइन में करीब 10 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में आरोपी कादिर ने सरेंडर किया। भाजपा नेता और परिजन उसके साथ मौजूद थे। वहीं, आरोपी पांच पुलिसकर्मियों के बीच में दरोगा से पिस्टल छीनकर गोली चला देता है। सवाल उठता है कि अगर कादिर को पुलिस से भागना ही था तो थाने जाकर परिजनों के साथ सरेंडर क्यों किया। इसको लेकर भी जांच होने की जरूरत है

अभियान में पलीता लग जाएगा 



मार्च 2017 में योगी सरकार बनी। जिसके बाद कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस को खुली छूट दी। जिसका रिजल्ट भी बेहतर है। मेरठ जोन में 54 अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए और एक हजार से ज्यादा अपराधियों के पैर में मुठभेड़ में गोली लगी। जिसका डंका प्रदेश में बजता है। लेकिन सवाल है कि अगर मुठभेड़ पर प्रश्न चिह्न लगेंगे तो सरकार के अभियान में पलीता लग सकता है। 
भाजपा नेताओं में भी चर्चा 
हमले का आरोपी कादिर भाजपा नेता कुंवर बासित अली का भतीजा है। वह यूनिवर्सिटी में बीजेएमसी का छात्र है। भाजपा नेता खुद कादिर को पुलिस को सौंपकर आए, इसके बावजूद पुलिस ने मुठभेड़ में उसको गोली मार दी है। बासित ने इसकी शिकायत प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव समेत कई भाजपा नेताओं से शिकायत की। कादिर के भाई ने मुख्यमंत्री के नाम शिकायती पत्र लिखा है। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन में भी खलबली मची। देर रात तक इसको मैनेज करने का प्रयास चलता रहा।