प्रतापगढ़ में वकील ओम मिश्रा की हत्या के बाद बवाल, नए एसपी ने की परिजनों से मुलाकात
प्रतापगढ़ में अधिवक्ता व विहिप प्रखंड कुंडा के जिलाध्यक्ष ओम मिश्रा की हत्या के बाद बवाल मचा हुआ है। ओम मिश्रा की हत्या से गुस्साए शहर के वकील कई जगह जाम लगा कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कई जगह स्कूली वाहन भी जाम में फंसे हुए हैं, जिससे बच्चों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

घटना से आक्रोशित वकीलों ने मंगलवार को डीएम और एसपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिला प्रशासन का पुतला फूंका। एसपी कार्यालय के गेट पर वाहन खड़ा कर विरोध प्रदर्शन करने के दौरान एएसपी से भी भिड़ गए। बता दें कि वकील ओम मिश्रा की हत्या के बाद एसपी एस आनंद को हटा दिया गया और नए पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह को नियुक्त किया गया है। वो मंगलवार से अपना कार्यभार संभालने के लिए महेशगंज कलिकापुर पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने वकील ओम मिश्रा के परिजनों से मुलाकात की। मालूम हो कि हत्या के बाद परिजनों ने पुलिस से शव को छीन लिया था और मुख्यमंत्री को बुलाने के बाद ही पोस्टमार्टम के लिए शव वापस देने की बात की थी। वे अब भी इस मांग पर अड़े हुए हैं और शव उठाने से इंकार कर रहे हैं। 




क्या है मामला?



गौरतलब है कि प्रतापगढ़ के जेठवारा इलाके में सोमवार सुबह अधिवक्ता व विहिप प्रखंड कुंडा के जिलाध्यक्ष बाइक से कचहरी जा रहे थे, इस दौरान रास्ते में उनसे लिफ्ट मांग कर एक युवक उनकी गाड़ी पर बैठ गया। जेठवारा के देवापुर सकली के करीब पहुंचने पर पीछे बैठे युवक ने ओम से बाइक रोकने के लिए कहा।  जैसे ही ओम मिश्रा ने बाइक रोकी तभी पीछे से आए बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने ओम मिश्रा पर गोलियों की बौछार कर दीं। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक ओम के साथ बाइक पर पीछे बैठा युवक बदमाशों की बाइक पर बैठकर मोहनगंज की ओर भाग निकला।  मौके पर पहुंची पुलिस शव लेकर बाघराय सीएचसी जाने लगी, जिसे परिजनों ने छीनकर कब्जे में ले लिया। घटना से गुस्साए लोगों ने जेठवारा तिराहे पर जाम लगा दिया। खबर पर पहुंचे एसपी से लोगों की तीखी झड़प हुई। आक्रोशित परिजन शव लेकर घर चले गए। लोग सीएम को बुलाने के बाद ही शव पोस्टमार्टम के लिए देने की जिद पर अड़ गए।  एसपी एस आनंद व एएसपी दिनेश कुमार द्विवेदी दस थानों की फोर्स और पीएसी के साथ मृतक के घर पहुंचे। बवाल की आशंका में पुलिस अलर्ट रही शाम को डीआईजी केपी सिंह व जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने भी मृत अधिवक्ता के घर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह सीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।





मामले को लेकर प्रयागराज के डीआईजी केपी सिंह ने कहा था कि अधिवक्ता की हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आरोपियों की धरपकड़ के लिए महेशगंज, जेठवारा पुलिस व क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। प्रथमदृष्टया अधिवक्ता की हत्या रंजिश में होने की बात सामने आ रही है। पुलिस हर बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।



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