लखनऊ: कैसे सुधरे ट्रैफिक, दो चौराहों पर ही रोज 7000 तोड़ रहे नियम
गलत दिशा में गाड़ी चलाना, तीन सवारी बैठाना और लाल सिग्नल होने पर भी नहीं रुकने पर अगर आप पकड़े नहीं गए हैं तो यह आपकी गलतफहमी है। इंटीग्रेटेड ट्रैैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर लगाए जा रहे ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम की नजर आप पर है।
शहर के दो प्रमुख चौराहों हजरतगंज व इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पर इसका ट्रायल दो महीने से चल रहा है। हर दिन सात हजार से अधिक लोग ट्रैफिक नियमों को तोड़ रहे हैं। नियमों से बेपरवाह ये लोग आईटीएमएस के ट्रायल में कैमरे में कैद हो रहे हैं। फिलहाल इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन जल्द इन्हें ई-चालान भेजा जाएगा। पहले चरण में शहर के 20 से अधिक चौराहों पर ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम लगाया जा रहा है।
हेलमेट न लगाने वालों की संख्या सबसे अधिक
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की जो रिपोर्ट आईटीएमएस सिस्टम के ट्रायल में सामने आई है, उसमें सबसे अधिक संख्या बिना हेलमेट लगाए चलने वालों की है। दूसरे स्थान पर वे लोग हैं जो लाल बत्ती होने पर भी नहीं रुकते और फर्राटा भरते चले जाते हैं। तीन सवारी लेकर चलने वाले भी कैमरे में कैद हुए हैं, हालांकि इनकी संख्या ज्यादा नहीं है।



इंटीग्रेटेड ट्रैैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम रखे है नजर
...तो 20 हजार तक होगी संख्या

स्मार्ट सिटी कंपनी के महाप्रबंधक एसके जैन कहते हैं कि अभी दो चौराहों पर ही ट्रायल शुरू किया गया है तो संख्या सात हजार से अधिक है। जब ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम सभी चौराहों पर लग जाएगा तो अभी के औसत के हिसाब से हर दिन कम से कम 20 हजार लोग पकड़ में आएंगे।
स्मार्ट सिटी योजना में आईटीएमएस पर काम हो रहा है। इसके तहत इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान और हजरतगंज पर ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल चल रहा है। दो चौराहों पर हर दिन करीब सात हजार चालान बन रहे हैं। इन्हें यातायात पुलिस को भेज दिया जा रहा है। जैसे ही आईटीएसम का काम पूरा होगा, उसके बाद यातायात पुलिस ई-चालान जारी करना शुरू कर देगी। -