बनीकोडर शिक्षा क्षेत्र पूरी तरह से भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ चुका है

रामसनेही घाट बाराबंकी बनीकोडर शिक्षा क्षेत्र पूरी तरह से भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ चुका है
खण्ड शिक्षाधिकारी बनीकोडर द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति बरती जा रही लापरवाही व भ्रस्ट रवैये के चलते बनीकोडर की शिक्षा व्यवस्था को सरकार के विभिन्न योजनाओ के बाद भी पटरी पर लौटती दिखाई नही दे रही है। जहां विद्यालयों से बच्चे नदारत है वही सैकड़ों विद्यालय ऐसे भी जहां अध्यापक भारी भरकम तनख्वाह तो ले रहे है लेकिन विद्यालय जाना मुनासिब नही समझते है,ऐसे मे कैसे सफल होेगा सर्व शिक्षा अभियान का सच। ज्ञात हो कि सरकार द्वारा हर वर्ग को शिक्षित करने के उद्देश्य से करोड़ों रूपये पानी की तरह बहाकर ग्रामीण क्षेत्रो में आखिरी छोर पर रहने वाले मासूमो का शिक्षित करने का प्रयास कर रही है, सरकार के प्रयास को बनीकोडर में पलीता लगाया जा रहा है। इलाके के तमाम परिषदीय विद्यालय ऐसे है जहां पर शिक्षा के नाम पर लाखो रूपये खर्च किये जाते है लेकिन वहां शिक्षा केवल कागजो पर परोसी जा रही है। इलाके में तमाम ऐसे विद्यालय है जहां पर तैनात अध्यापक द्वारा अपने स्थान पर दूसरे को रखकर शिक्षा दिलाने का काम किया जा रहा है जिसका खुलासा गत दिनो कई अखबारो ने प्रकाशित कर सुर्खियां बटोरी थी। अगर चर्चाओं पर गौर किया जाये तों बनीकोडर में शिक्षा के नाम पर भारी खेल किया जा रहा है, करीब नौ वर्षो से बाराबंकी में अपनी पकड़ बना चुके बनीकोडर के खण्ड शिक्षाधिकारी अब शिक्षा के प्रति अपने कर्तव्यों से भटकते नजर आ रहे है, लोगो का मानना है कि अगर खण्ड शिक्षाधिकारी डा. अजीत कुमार सिंह पूरी इमानदारी के साथ अपने कर्तब्यो का निर्वाहन करे तो सरकार की मंशा अन्य क्षेत्रो के साथ बनीकोडर में भी सफल दिखाई दे। इससे पूर्व यहां तैनात रहे तत्कालीन खण्ड शिक्षाधिकारी सतीश त्रिपाठी की सराहना लोग आज भी करते नही थकते है। लेकिन वर्तमान समय में बनीकोडर की शिक्षा व्यावस्था पूरी तरह से बदहाल रही। जब हमारे संवाददाता प्रवीण तिवारी बनीकोडर इलाके में कुछ विद्यालयो का हाल जाना जहां एक बार फिर शिक्षा व्यावस्था औंधे मुह गिरती नजर आई। सुबह 7 बजकर 37 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय बहरेलाडीह में सिर्फ विद्यालय इंचार्ज शैलजा सिंह मौजूद रही अन्य शिक्षक विद्यालय में मौजूद नही रहे इसी प्रकार 8 बजे प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर का हाल जाना यहां पर बताया गया किं 115 बच्चे पंजीकृत है जिसमें 14 बच्चे मौजूद रहे, इन बच्चो को शिक्षामित्र उदयनरायन व परमेश कुमार द्वारा शिक्षा दी जा रही थी यहां पर तैनात प्रधानाचार्य संजय कुमार विद्यालय से गायब रहे, इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय बाजपुर में करीब साढे आठ बजे प्रभाकर वर्मा सहायक व आरती पाल शिक्षा मित्र मौजूद रही वही यहां पर तैनात इंचार्ज अपूर्वा विद्यालय में मौजूद नही रही, यहां पर बताया गया कि विद्यालय में 262 बच्चे पंजीकृत है जिनमें से 21 छात्र मौजूद रहे। इसके साथ अन्य कई विद्यालयो का हाल जाना जहां पर शिक्षा व्यावस्था बदहाल दिखी,विद्यालयों में साफ सफाई शौचालयो के साथ अन्य तमाम असुविधाओ का बोल बाला देखने को मिला। सोचनीय बात यह है कि जहां सरकार करोडो रूपये शिक्षा पर खर्च कर रही है तो उसका निर्वहन विभागीय अधिकारी क्यो नही करवा पा रहे है क्या बहती गंगा में डुबकिया वह भी लग रहे है या यू कहा जाये कि पूरे कुएं में ही भांग पडी है। जिससे कि पूरे क्षेत्र की शिक्षा ब्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है।